Not known Facts About Study Motivation


तां पूरी कर लैंणे दे कि अपणे होंदेयां तेरी वोटी नूं वेख लइये। मैंने समझाया - वेख बेबे, तेनू नूं दा इन्ना ई शौक है तां बिल्लू ते गोलू दोंवां दा वया कर दे। तेरियां दो दो नूंआ तेरी सेवा करन

झ्टालना पड़ेगा। ऐनी वे, गुड्डी ने अचानक अंासू पोंछ लिये हैं और अपना हाथ आगे बढ़ा दिया है - आल द बेस्ट वीरजी, आप

मामला इस तरह से बिगड़ जायेगा। - अच्छा एक बात बता। उसका मूड ठीक करने करने के लिहाज से मैं पूछता हूँ - ये करतार जी करते क्या हैं और इनकी कुड़ी क्या

किताब की तरह हो जाते हो, अपनी इस छोटी-सी ज़िंदगी में कितने कितने तूफान झेल चुके हो। खाना खा कर लौटते हुए बारह बज गये हैं। मुझे लग रहा है कि मैं एक परिचित के साथ खाना खाने गया था और बड़े भाई के साथ

कि अब से दीपू का घर में आना जाना छूटे नहीं। कहीं ऐसा न हो कि आज आया है फिर अरसे तक आये ही नहीं। - तो ?

मौसम में भी, जहां खाने का एक एक कौर नीचे उतारने के लिए लोग गिलास पर गिलास खाली करते हैं, मैं वहां भी इससे दूर ही

के इस दौर में आ कर तो कभी भी नहीं। बस, यही तसल्ली है कि सबसे मिल लिया, बचपन की खट्टी-मीठी यादें ताज़ा कर लीं

कर रहा है। मैं कहता हूं। - तुम्हारी कम्पनी का मान रखने के लिए मैं आज बीयर ही लूंगा। मैंने उनके लिए बीयर का ही आर्डर दिया है। हमने पूरी शाम कई घंटे एक साथ गुज़ारे हैं और ढेर सारी बातें की हैं। बातचीत के दौरान जब मैं उन्हें वीरजी कह कर बुला रहा हूं

बैठे देखा था। मैं तब से परेशान हो रहा था कि इस सरदार को कहीं देखा है लेकिन याद नहीं कर पा रहा था। गुड्डी के याद दिलाने से कन्फर्म हो गया है। मैं गुड्डी का कंधा थपथपाता हृं । - लेकिन वीरजी, आपको एक प्रॉमिस करना पड़ेगा, आप किसी को बतायेंगे नहीं कि मैंने आपको ये सारी बातें बतायी

साथ-साथ ही आ रहे थे। उन्होंने ही पहले हैलो की और more info पूछा - क्या नया आया हूं सामने वाले घर में। उन्होंने मेरा नाम वगैरह पूछा

चौधरी हरीशचन्द्र जी की तीन लड़की थीं। पहली गोरादेवी चौधरी बुधराम जी को ब्याही थी। जिनसे श्री ज्ञान प्रकाश और जयदेव सिंह दो पुत्र हुये।

बीच में आ गये - बेबे को बीच में लाने की ज़रूरत नहीं है बरखुरदार, यह मर्दों की बात है। हम सब कुछ तय कर चुके हैं। सिर्फ

- बेबे बोली फिर - इसका तो एक ही इलाज है कि कोई चंगी सी कुड़ी वेख के दीपे की सगाई कर देते हैं। शादी

बार ये देख कर हैरान हो जाता हूं कि मैं कितने बरसों से बिना खिड़कियों वाले किसी कमरे में बंद था और दुनिया कहां की कहां

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